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Monday, December 20, 2010

राजेश उत्साही जी के आग्रह पर अमरजीत कोंके जी के कविता संग्रह ''अंतहीन दौड़'' की कुछ बेहतरीन रचनाओं के अंश ---

आवाज़--
बहुत उदास होता हूँ

साँझ को
घर लौटते 
परिंदों को देख कर
अपना घर याद आता है
खुली चोंचें याद आती है
जिनके लिए
मै चुग्गा चुगने का 
वादा कर
एक दिन चला आया था  -----------


जीवन जिया मैनें ----
उन लोगों की तरफ देख कर
नही जिया  जीवन मैंने
जिन्होंने मेरे रास्तों मै
कांच बिखेर दिया
और मेरे लहू  को
सुलगते खंजरों  की
तासीर बताई 
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सचमुच उन लोगों को देख कर
  जियाजीवन मैंने
जिन्होंने इस जीवन का
अन्दर बाहर प्यार से भर डाला
गहन उदासी मै भी
जिनके प्यार ने
मनुष्य को जीने के काबिल कर डाला
उन लोगों को देख कर
जिया जीवन मैंने |


शब्दों का इन्तजार-------
शब्द जब मेरे पास नही होते
मै भी नही बुलाता उन्हें
दूर जाने देता हूँ
अदृश्य सीमाओं तक
उन्हें परिंदे बन कर
धीरे धीरे
अनंत आकाश मै
लुप्त होते देखता हूँ 
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आयेंगे
मेरे कवि मन के आंगन मै
मरुस्थल बनी
मेरे मन की धरा पर
बरसेंगे रिमझिम
भर देंगे
सोंधी महक से मन


कही भी हों
शब्द चाहे


दूर
बहुत दूर


लेकिन फिर भी
शब्दों के इन्तजार में
भरा भरा रहता
अंत का खाली मन  |




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19 comments:

  1. अमरजीत जी की कविताएं यह बताती हैं कि सरल वाक्यों में भी बड़ी बातें कही जा सकती हैं।

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  2. अभिव्यक्ति जितनी परिपक्व होती है, उतनी सरल हो जाती है।

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  3. शुक्रिया राजवंत जी। सचमुच अमरजीत जी की कविताएं इस काबिल हैं कि वे अंदर तक उतर जाती हैं। आपका चयन बहुत उचित है। आभारी हूं कि आपने मेरे आग्रह पर ध्‍यान दिया।

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  4. बेहतरीन रचनायें प्रस्तुत की हैं……………हार्दिक आभारी हूँ।

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  5. "समस हिंदी" ब्लॉग की तरफ से सभी मित्रो और पाठको को एक दिन पहले
    "मेर्री क्रिसमस" की बहुत बहुत शुभकामनाये !

    ()”"”() ,*
    ( ‘o’ ) ,***
    =(,,)=(”‘)<-***
    (”"),,,(”") “**

    Roses 4 u…
    MERRY CHRISTMAS to U

    ReplyDelete
  6. East or west home is the best. lovely poem.

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  7. हमारी ओर से ढेर सारी शुभकामनाऍं।

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  8. Christmas is not a time nor a season, but a state of mind. To cherish peace and goodwill, to be plenteous in mercy, is to have the real spirit of Christmas.
    Merry Christmas
    Lyrics Mantra Jingle Bell

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  9. सुन्दर प्रस्तुति।

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  10. A basket of thanks from my side. Plz. visit my post.

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  11. नवबर्ष की हार्दिक शुभ-कामनाएं !

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  12. NAYA SAAL 2011 CARD 4 U
    _________
    @(________(@
    @(________(@
    please open it

    @=======@
    /”**I**”/
    / “MISS” /
    / “*U.*” /
    @======@
    “LOVE”
    “*IS*”
    ”LIFE”
    @======@
    / “LIFE” /
    / “*IS*” /
    / “ROSE” /
    @======@
    “ROSE”
    “**IS**”
    “beautifl”
    @=======@
    /”beautifl”/
    / “**IS**”/
    / “*YOU*” /
    @======@

    Yad Rakhna mai ne sub se Pehle ap ko Naya Saal Card k sath Wish ki ha….
    मेरी नई पोस्ट पर आपका स्वागत है !

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  13. बहुत सुन्दर प्रस्तुति
    kabhi samay mile to yahan //shiva12877.blogspot.com per bhe aayen.

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  14. सभी भाई बहनों को सादर प्रणाम !
    कृपया देखिये मेरा एक आर्टिकलतीन अलग अलग जगहों पर
    'देशभक्ति का दावा और उसकी हकीक़त'
    http://ahsaskiparten.blogspot.com/2010/12/patriot.html

    http://lucknowbloggersassociation.blogspot.com/2010/12/patriot.html

    http://blog-parliament.blogspot.com/2010/12/patriot.html

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  15. अमरजीत जी की कविताओं के सरल सहज तरल शब्दों के प्रवाहमयी संसार से परिचित कराने के लिए आभार.

    अनगिन आशीषों के आलोकवृ्त में
    तय हो सफ़र इस नए बरस का
    प्रभु के अनुग्रह के परिमल से
    सुवासित हो हर पल जीवन का
    मंगलमय कल्याणकारी नव वर्ष
    करे आशीष वृ्ष्टि सुख समृद्धि
    शांति उल्लास की
    आप पर और आपके प्रियजनो पर.

    आप को सपरिवार नव वर्ष २०११ की ढेरों शुभकामनाएं.
    सादर,
    डोरोथी.

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  16. ऐतराज़ क्यों ?
    बड़े अच्छे हों तो बच्चे भी अच्छे ही रहते हैं .
    आज कल तो बड़े ऐसे भी हैं कि 'माँ और बहन' कहो तो भी ऐतराज़ कर डालें.
    ऐसे लोगों को टोकना निहायत ज़रूरी है . गलती पर खामोश रहना या पक्षपात करना
    ही बड़े लोगों को बच्चों से भी गया गुज़रा बनती है .
    रचना जी को मां कहने पर
    और
    दिव्या जी को बहन कहने पर
    ऐतराज़ क्यों ?
    अगर आप यह नहीं जानना चाहते तो कृप्या निम्न लिंक पर न जाएं।
    http://ahsaskiparten.blogspot.com/2010/12/patriot.html

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