Thursday, March 11, 2021

बहुरूपिए शब्द

कभी अल्हड़, अलल-बछेरा,
कुलेलें करने वाला,
नाकंद घोड़े के बच्चे जैसा,
जिसे ना कोई क़रार ,
फक्त कर्राह,
खिलंदड़ एवं बेपरवाह

कभी डरा सहमा
घबराये गाय जैसा
जिसे अपना बछरू
बहुत समय से
न दिखता हो न आहट हो
आशंका और आकुलता में
व्याकुल आंखें उसकी

कभी लार टपकाते
श्वान के सदृश
इधर उधर सिर हिलाते
मतलब बेमतलब तलवे चाटते
स्वामिभक्ति का प्रदर्शन करते
इशारे पर
बेवजह भौंकते गुर्राते

Monday, March 9, 2020

होली की हार्दिक शुभकामनाएं...!!


पुस्‍तकायन ब्लाग की ओर से ब्लाग जगत के
सभी साथियों को 
होली की हार्दिक शुभकामनाएं.....!!

- संजय भास्कर

Friday, February 21, 2020

महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं :(


काल का भी उस पर क्या आघात हो ... जिस बंदे पर महाकाल का हाथ हो

पुस्‍तकायन ब्लाग की ओर से ब्लाग जगत के
सभी साथियों को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं.....!!

Wednesday, January 15, 2020

मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं...!!


मीठी बोली, मीठी जुबान,
मकर संक्रांति पर यही है पैगाम!

पुस्‍तकायन........ब्लाग की ओर से ब्लाग जगत के सभी साथियों को  मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं.....!!

Tuesday, October 29, 2019

भैयादूज की शुभकामनायें :)


पुस्‍तकायन..........ब्लाग की ओर से ब्लाग जगत के सभी साथियों को  भैयादूज की शुभकामनायें.....!!

- संजय भास्कर

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