मकान (उपन्यास)
लेखक - श्रीलाल शुक्ल
पहला संस्करण - 1976
सातवीं आवृत्ति - 2004
प्रकाशक
राधाकृष्ण प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड,
जी - 17, जगतपुरी, दिल्ली - 110051
---------------------------------------------------यह वाक्य है, श्रीलाल शुक्ल के उपन्यास 'मकान' का । कुछ ऐसे लेखक होते हैं जिन्हें पढते समय आप कभी बोर नहीं होते । उनका अंदाज ही ऐसा होता है कि आप चाहे उनकी प्रारंभिक रचनाऍं पढें या लोकप्रिय होने लीजेन्ड बनने के बाद की, कभी बोरियत महसूस नहीं होती । श्रीलाल शुक्ल ऐसे ही लेखक हैं । इनकी मास्टर पीस 'रागदरबारी' से तो आप परिचित होंगे ही ।