Wednesday, January 15, 2020

मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं...!!


मीठी बोली, मीठी जुबान,
मकर संक्रांति पर यही है पैगाम!

पुस्‍तकायन........ब्लाग की ओर से ब्लाग जगत के सभी साथियों को  मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं.....!!

Tuesday, October 29, 2019

भैयादूज की शुभकामनायें :)


पुस्‍तकायन..........ब्लाग की ओर से ब्लाग जगत के सभी साथियों को  भैयादूज की शुभकामनायें.....!!

- संजय भास्कर

Saturday, August 24, 2019

कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ !!


पुस्‍तकायन ब्लॉग  की ओर से आप सभी ब्लोगर मित्रों को सपरिवार 
कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ .....!!!

- संजय भास्कर 

Wednesday, May 8, 2019

मैंने छोड़ दिया है अब कविता लिखना - Onkar ओंकार

मैंने छोड़ दिया है अब 
कविता लिखना.

कविता लिखने का सामान -
काग़ज़, कलम,दवात -
दूर कर दिया है मैंने,
यहाँ तक कि कुर्सी-मेज़ भी 
हटा दी है अपने कमरे से.

मन में भावनाओं का 
ज्वार उमड़ रहा हो,
शब्द अपने-आप 
लयबद्ध होकर आ रहे हों,
तो भी नहीं लिखता मैं 
कोई कविता.

मैंने तय कर लिया है 
कि मैं तब तक नहीं लिखूंगा 
कोई नई कविता,
जब तक कि उसमें लौट न आए  
कोई आम आदमी...!

लेखक परिचय - ओंकार जी Onkar 

Tuesday, March 26, 2019

राक्षस देखना हो अपने अन्दर का - Onkar ओंकार :)

कभी अपने अन्दर का
राक्षस देखना हो,
तो उग्र भीड़ में
शामिल हो जाना.

जब भीड़ से निकलो,
तो सोचना
कि जिसने पत्थर फेंके थे,
आगजनी की थी,
तोड़-फोड़ की थी,
बेगुनाहों पर जुल्म किया था,
जिसमें न प्यार था, न ममता,
न इंसानियत थी, न करुणा,
जो बिना वज़ह
पागलों-सी हरकतें कर रहा था,
वह कौन था?

उसे जान लो,
अच्छी तरह पहचान लो,
देखो, तुम्हें पता ही नहीं था
कि वह तुम्हारे अन्दर ही
कहीं छिपा बैठा है...!!

लेखक परिचय - ओंकार जी Onkar 

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